अक्षय तृतीया 2025 in जबलपुर

बुधवार, ३० अप्रैल २०२५

संक्षेप में

जबलपुर में अक्षय तृतीया 2025 बुधवार, ३० अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है। पूजा मुहूर्त १०:४९ am – १:२५ pm है। सूर्योदय ५:३८ am और सूर्यास्त ६:३६ pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: आखा तीज · अक्ती

जबलपुर का समय

तिथि
बुधवार, ३० अप्रैल २०२५
बुधवार
पंचांग तिथि
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया
सूर्योदय
५:३८ am
सूर्यास्त
६:३६ pm
चंद्रोदय
७:२७ am
चंद्रास्त
९:४४ pm

जबलपुर में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त१०:४९ am – १:२५ pm
राहु काल — त्याज्य१२:०७ pm – १:४४ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

जबलपुर का आज का पंचांग

अक्षय तृतीया क्या है?

अक्षय तृतीया का अर्थ है “वह तृतीया जिसका कभी क्षय न हो” — वह दिन जिस पर जो भी आरंभ किया या दान किया जाए, वह कभी घटता नहीं। यह उन गिनी-चुनी तिथियों में है जो संपूर्ण रूप से शुभ मानी जाती हैं, जिनके भीतर अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कैसे मनाया जाता है

सोना खरीदने के लिए यह भारतीय वर्ष का सबसे व्यस्त दिन है, और विवाह, गृहप्रवेश तथा नए कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा तिथि। मान्यता है कि आज दिया गया दान अनंत होकर लौटता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

अक्षय तृतीया 2024अक्षय तृतीया 2026अक्षय तृतीया 2027

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाबैसाखीपुथांडुविषुहनुमान जयंतीराम नवमी

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जबलपुर में अक्षय तृतीया 2025 कब है?

जबलपुर में अक्षय तृतीया 2025 बुधवार, ३० अप्रैल २०२५ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है।

जबलपुर में अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त कब है?

जबलपुर में ३० अप्रैल २०२५ को पूजा मुहूर्त १०:४९ am – १:२५ pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या जबलपुर में अक्षय तृतीया 2025 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष अक्षय तृतीया जबलपुर और भारत दोनों में ३० अप्रैल २०२५ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

अक्षय तृतीया को और किन नामों से जाना जाता है?

अक्षय तृतीया को आखा तीज, अक्ती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।