अक्षय तृतीया 2024 in श्रीनगर

शुक्रवार, १० मई २०२४

संक्षेप में

श्रीनगर में अक्षय तृतीया 2024 शुक्रवार, १० मई २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है। पूजा मुहूर्त ११:०४ am – १:५० pm है। सूर्योदय ५:३४ am और सूर्यास्त ७:२० pm पर है।

भारत के समान दिन

अन्य नाम: आखा तीज · अक्ती

श्रीनगर का समय

तिथि
शुक्रवार, १० मई २०२४
शुक्रवार
पंचांग तिथि
वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया
सूर्योदय
५:३४ am
सूर्यास्त
७:२० pm
चंद्रोदय
६:५२ am
चंद्रास्त
१०:१० pm

श्रीनगर में शुभ मुहूर्त

पूजा मुहूर्त११:०४ am – १:५० pm
अभिजित मुहूर्त११:५९ am – १२:५४ pm
राहु काल — त्याज्य१०:४४ am – १२:२७ pm

ये समय इसी शहर के लिए गणना किए गए हैं — कौन-सा मुहूर्त मान्य है यह तिथि तय करती है, इसलिए ये स्थान के अनुसार बदलते हैं और भारत के समय नहीं हैं। अभिजित और राहु काल त्योहार के नहीं, उस दिन के होते हैं।

श्रीनगर का आज का पंचांग

अक्षय तृतीया क्या है?

अक्षय तृतीया का अर्थ है “वह तृतीया जिसका कभी क्षय न हो” — वह दिन जिस पर जो भी आरंभ किया या दान किया जाए, वह कभी घटता नहीं। यह उन गिनी-चुनी तिथियों में है जो संपूर्ण रूप से शुभ मानी जाती हैं, जिनके भीतर अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

कैसे मनाया जाता है

सोना खरीदने के लिए यह भारतीय वर्ष का सबसे व्यस्त दिन है, और विवाह, गृहप्रवेश तथा नए कारोबार के लिए सबसे पसंदीदा तिथि। मान्यता है कि आज दिया गया दान अनंत होकर लौटता है।

अन्य शहर

आगराअमदाबादअजमेरअलीगढ़अमरावतीअमृतसरआसनसोलऔरंगाबादबैंगलोरबरेलीभावनगरभोपाल

अन्य वर्ष

अक्षय तृतीया 2025अक्षय तृतीया 2026

अन्य त्योहार

बुद्ध पूर्णिमाहनुमान जयंतीराम नवमीबैसाखीपुथांडुविषु

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनगर में अक्षय तृतीया 2024 कब है?

श्रीनगर में अक्षय तृतीया 2024 शुक्रवार, १० मई २०२४ को है। पंचांग के अनुसार यह वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया है।

श्रीनगर में अक्षय तृतीया का पूजा मुहूर्त कब है?

श्रीनगर में १० मई २०२४ को पूजा मुहूर्त ११:०४ am – १:५० pm है। मुख्य पूजा इसी अवधि में की जाती है।

क्या श्रीनगर में अक्षय तृतीया 2024 भारत के समान दिन है?

हाँ। इस वर्ष अक्षय तृतीया श्रीनगर और भारत दोनों में १० मई २०२४ को है, यद्यपि पूजा का समय अलग है क्योंकि सूर्योदय और चंद्रोदय स्थानीय होते हैं।

अक्षय तृतीया को और किन नामों से जाना जाता है?

अक्षय तृतीया को आखा तीज, अक्ती भी कहा जाता है। ये एक ही त्योहार के क्षेत्रीय नाम और वर्तनियाँ हैं।